Ration card holder: देश में बढ़ती महंगाई के बीच आम परिवारों की रसोई का बजट लगातार दबाव में है। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2026 के लिए राशन कार्ड धारकों के हित में एक अहम फैसला लिया है। नई घोषणा के मुताबिक पात्र लाभार्थियों को हर महीने ₹300 की अतिरिक्त नकद सब्सिडी दी जाएगी, जो सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर होगी। यह सहायता पहले से मिल रहे सस्ते अनाज के अलावा होगी, यानी लाभार्थियों को दोहरा फायदा मिलेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मानना है कि केवल सस्ता अनाज उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को दवाइयों, बच्चों की पढ़ाई, गैस, बिजली और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों के लिए नकद राशि की भी आवश्यकता होती है। इसी सोच के तहत अनाज सब्सिडी के साथ-साथ नकद सहायता देने का निर्णय लिया गया है, ताकि परिवार अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च कर सकें और आर्थिक रूप से थोड़ा आत्मनिर्भर बनें।
किन्हें मिलेगा लाभ?
यह ₹300 मासिक सब्सिडी उन परिवारों को मिलेगी जो पहले से सरकारी खाद्य सुरक्षा दायरे में शामिल हैं। प्रमुख रूप से:
- गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवार
- अंत्योदय अन्न योजना कार्ड धारक
- विधवा महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांगजन
- वे परिवार जिनका नाम पात्रता सूची में दर्ज है
राज्य सरकारें अपने स्तर पर कुछ अतिरिक्त शर्तें तय कर सकती हैं, इसलिए स्थानीय खाद्य विभाग से जानकारी लेना जरूरी है।
जरूरी शर्तें क्या हैं?
इस योजना का लाभ पाने के लिए कुछ तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य है:
- राशन कार्ड का आधार से लिंक होना
- बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय होना
- e-KYC पूरा होना
- पात्रता सूची में नाम दर्ज होना
सरकार इस राशि को Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए सीधे खाते में भेजेगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।
आवेदन कैसे करें?
ज्यादातर मामलों में अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। यदि आपका राशन कार्ड, आधार और बैंक खाता सही तरीके से लिंक है और e-KYC पूरी है, तो सब्सिडी अपने आप खाते में आ जाएगी।
फिर भी, किसी भी गलती या अपडेट के लिए आप:
- नजदीकी राशन दुकान
- जन सेवा केंद्र
- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कार्यालय
से संपर्क कर सकते हैं।
कितना होगा वास्तविक फायदा?
₹300 प्रतिमाह भले ही छोटी राशि लगे, लेकिन साल भर में यह ₹3,600 हो जाती है। यह रकम किसी गरीब परिवार के लिए स्कूल की फीस, दवाइयों या जरूरी घरेलू खर्चों में बड़ा सहारा बन सकती है। साथ ही, सीधे खाते में पैसे आने से भरोसा और सुविधा दोनों बढ़ती हैं।