Bhavantar Bharpayi Yojana 2026: भावांतर भरपाई योजना सब्ज़ी और फल उगाने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत

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Bhavantar Bharpayi Yojana 2026: किसानों की आय बढ़ाने और खेती को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार समय-समय पर नई योजनाएं शुरू करती रहती है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार की भावांतर भरपाई योजना (Bhavantar Bharpayi Yojana) बागवानी करने वाले किसानों के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि अगर किसानों को अपनी फसल का सही बाजार मूल्य नहीं मिलता, तो सरकार उन्हें उस नुकसान की भरपाई करे।

आज के समय में खेती केवल मेहनत का काम नहीं रह गया है, बल्कि इसमें बड़ा आर्थिक जोखिम भी जुड़ गया है। मौसम, बाजार की मांग और कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण किसान अक्सर अपनी मेहनत का सही दाम नहीं पा पाते। कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि लागत भी निकलना मुश्किल हो जाता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की गई थी, जिसे अब 2026 में और ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है।

भावांतर भरपाई योजना शुरू करने का मुख्य कारण

भारत में बड़ी संख्या में किसान सब्ज़ियों और फलों की खेती करते हैं। लेकिन इन फसलों की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि इनके दाम बहुत तेजी से गिर जाते हैं। जब बाजार में सप्लाई ज्यादा हो जाती है, तो किसान को मजबूरी में अपनी उपज बहुत कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। इस वजह से किसान कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं और कई बार उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सरकार ने देखा कि अगर किसानों को कीमत गिरने से सुरक्षा मिल जाए, तो वे बिना डर के खेती कर सकेंगे। इसी सोच से भावांतर भरपाई योजना की शुरुआत की गई।

भावांतर भरपाई योजना का मुख्य उद्देश्य

इस योजना के पीछे कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं:

  • सब्ज़ियों और फलों की कीमत गिरने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना
  • किसानों की आय को स्थिर और सुरक्षित बनाना
  • किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करना
  • बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देना
  • किसानों का जोखिम कम करना

सरकार चाहती है कि किसान केवल परंपरागत खेती तक सीमित न रहें, बल्कि सब्ज़ी और फल जैसी नकदी फसलों की खेती भी बढ़ाएं।

किन फसलों को शामिल किया गया है

योजना के पहले चरण में चार प्रमुख सब्ज़ियों को शामिल किया गया है:

  1. टमाटर
  2. प्याज
  3. आलू
  4. फूलगोभी

ये चारों फसलें ऐसी हैं जिनके दाम अक्सर बाजार में बहुत ज्यादा गिर जाते हैं। इसलिए सरकार ने इन पर विशेष ध्यान दिया है।

किसानों को कितना मिलेगा लाभ

भावांतर भरपाई योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसानों की हर एकड़ आय को सुरक्षित करने की कोशिश की गई है।

इस योजना के तहत:

  • प्रति एकड़ ₹48,000 से ₹56,000 तक की आय सुनिश्चित करने का लक्ष्य
  • सरकार द्वारा तय प्रोटेक्टेड प्राइस (सुरक्षित मूल्य)
  • अगर बाजार में कीमत कम मिलती है, तो अंतर की राशि सीधे किसानों को दी जाएगी

यानी अगर किसान को मंडी में फसल का कम दाम मिलता है, तो सरकार उस नुकसान की भरपाई करेगी।

कैसे मिलता है मुआवजा

सरकार ने इस योजना को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है, जहां किसान पंजीकरण कर सकते हैं। यदि किसान तय समय के अंदर अपनी फसल बाजार में बेचता है और कीमत प्रोटेक्टेड प्राइस से कम होती है, तो सरकार उस अंतर की राशि सीधे किसान के खाते में भेज देती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और आसान बनाई गई है।

कौन-कौन किसान ले सकते हैं लाभ

इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न किसान पात्र हैं:

  • जमीन के मालिक किसान
  • पट्टेदार किसान
  • किराए पर खेती करने वाले किसान

यानी खेती करने वाला कोई भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकता है।

पंजीकरण प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।

पंजीकरण की सुविधा निम्न स्थानों पर उपलब्ध है:

  • सर्व सेवा केंद्र
  • ई-दिशा केंद्र
  • मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय
  • बागवानी विभाग
  • कृषि विभाग
  • इंटरनेट कियोस्क

इसके अलावा किसान हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं।

किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह योजना

भावांतर भरपाई योजना किसानों के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  • खेती में जोखिम कम होगा
  • किसान कर्ज से बच पाएंगे
  • सब्ज़ी और फल उत्पादन बढ़ेगा
  • किसानों की आय स्थिर होगी
  • खेती में आत्मविश्वास बढ़ेगा

यह योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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