Lakhpati Bitiya Yojana 2026: राजधानी दिल्ली में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने एक नई और बड़ी योजना की घोषणा की है। Lakhpati Bitiya Yojana 2026 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के नाम चरणबद्ध तरीके से धनराशि जमा की जाएगी, जो 21 साल की उम्र में मैच्योर होकर 1 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे भविष्य में किसी पर आर्थिक रूप से निर्भर न रहें।
कुल 56 हजार रुपये का निवेश, मैच्योरिटी पर बड़ा फायदा
नई व्यवस्था के तहत सरकार बेटी के नाम पर अलग-अलग शैक्षणिक पड़ावों पर कुल ₹56,000 जमा करेगी। यह राशि समय के साथ ब्याज जोड़कर 21 साल की उम्र तक बढ़ेगी। अनुमान है कि मैच्योरिटी पर यह रकम ₹1 लाख से अधिक हो जाएगी। पहले यह सहायता सीमित किस्तों में दी जाती थी और 18 साल पर राशि निकाली जा सकती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 21 साल कर दिया गया है ताकि छात्राएं ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल डिप्लोमा तक अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पूरा सिस्टम डिजिटल और पारदर्शी रहेगा। फंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी SBI Life Insurance Company Limited को सौंपी गई है। निवेश SBI Life Dhanya Sadhan योजना के तहत किया जाएगा। मैच्योरिटी पूरी होने पर राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- लड़की का जन्म दिल्ली में होना चाहिए।
- परिवार तीन साल से दिल्ली में निवास कर रहा हो।
- परिवार की सालाना आय ₹1.20 लाख से अधिक न हो।
- एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही लाभ ले सकेंगी।
- लड़की का टीकाकरण पूरा होना और किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ाई करना अनिवार्य है।
- 18 वर्ष से पहले विवाह होने पर योजना का लाभ रद्द किया जा सकता है।
इसके अलावा, अब इस योजना का दायरा बढ़ाकर उन छात्राओं तक भी किया गया है जो भारत के किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त या University Grants Commission से मान्यता प्राप्त संस्थान में ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल कोर्स कर रही हैं।
Lakhpati Bitiya Yojana का उद्देश्य
- लड़कियों की पढ़ाई को लगातार जारी रखना
- स्कूल छोड़ने की दर कम करना
- बाल विवाह पर रोक लगाना
- कमजोर परिवारों को सहारा देना
- बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना
सरकार का मानना है कि आर्थिक सुरक्षा मिलने से परिवार बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता देंगे और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।
क्यों खास है यह योजना?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की योजनाएं सामाजिक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाती हैं। जब किसी बेटी के नाम पर छोटी-छोटी किस्तों में राशि जमा होती है और वह 21 साल की उम्र में बड़ी रकम के रूप में मिलती है, तो यह उसके उच्च शिक्षा या करियर की शुरुआत में बड़ी मदद साबित हो सकती है। Lakhpati Bitiya Yojana 2026 को इसी सोच के साथ तैयार किया गया है कि बेटियां पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें।